ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: मानवता की मिसाल पेश करते हुए श्री गुरु सिंह सभा सीतापुर के पूर्व प्रधान एवं प्रख्यात समाजसेवी सरदार चमन सिंह (78 वर्ष) ने मृत्यु के उपरांत भी दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में उजाला बिखेर दिया। उनके परिजनों द्वारा लिए गए नेत्रदान के निर्णय ने समाज को एक प्रेरणादायक संदेश दिया है।
घंटाघर, सीतापुर निवासी सरदार चमन सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया। शोक की इस घड़ी में उनके पुत्र इंद्रपाल सिंह ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए सक्षम संस्था से संपर्क कर अपने पिता की आंखों का दान कराने की इच्छा व्यक्त की।
संस्था के सक्रिय प्रयासों से तत्काल आई हॉस्पिटल, सीतापुर के चिकित्सकों की टीम गठित की गई, जिसने सफलतापूर्वक दोनों कॉर्निया सुरक्षित कर लिए।
चिकित्सकों के अनुसार, सरदार चमन सिंह की दान की गई कॉर्निया अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी लाने का माध्यम बनेंगी।
यह नेत्रदान न केवल दो लोगों को दृष्टि प्रदान करेगा, बल्कि समाज में अंगदान और नेत्रदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा। सक्षम संस्था के अध्यक्ष संदीप भरतीया ने कहा कि सरदार चमन सिंह जीवनभर समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी रहे।
उन्होंने नेत्रदान जैसे पुनीत कार्यों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन के बाद उनके पुत्र द्वारा लिया गया यह निर्णय उनके मानवीय मूल्यों और सेवा भाव की विरासत को आगे बढ़ाने वाला है।
संस्था के महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने कहा कि सिख समाज ने हमेशा नेत्रदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद नेत्रदान करने वाला व्यक्ति दो नेत्रहीन लोगों को इस खूबसूरत दुनिया को देखने का अवसर प्रदान करता है, जो किसी महान दान से कम नहीं है। वहीं, संस्था के मीडिया प्रभारी विकास अग्रवाल ने कहा कि सरदार चमन सिंह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं।
लेकिन उनकी आंखें अब दूसरों के जीवन में प्रकाश बनकर जीवित रहेंगी। संस्था के सदस्य अक्षत अग्रवाल ने जानकारी दी कि सक्षम संस्था द्वारा अब तक 281 सफल नेत्रदान संपन्न कराए जा चुके हैं। इस अवसर पर संस्था से जुड़े सुभाष अग्निहोत्री ने कहा, “जिसने नेत्रदान किया, उसने अंधेरे से नाता तोड़कर इंसानियत को उजाला दिया।”
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सरदार चमन सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। लोगों ने अधिक से अधिक नागरिकों से नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील भी की, ताकि किसी की मृत्यु के बाद किसी और के जीवन में नई रोशनी लाई जा सके।
