ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: प्रदेश में प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को महमूदाबाद लायर्स एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी महमूदाबाद को सौंपते हुए ई-रजिस्ट्री प्रणाली को तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं का कहना है कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से भूमि एवं संपत्ति संबंधी अभिलेखों के दुरुपयोग और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं उत्पन्न होंगी। उनका आरोप है कि यह व्यवस्था पारंपरिक पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े अधिवक्ताओं, दस्तावेज नवीसों, स्टाम्प विक्रेताओं, मुंशियों तथा अन्य हजारों लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।
जिससे बड़ी संख्या में लोग आजीविका संकट का सामना करने को विवश हो सकते हैं। महमूदाबाद लायर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि ई-रजिस्ट्री से संबंधित सभी प्रक्रियाओं और गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
साथ ही इस व्यवस्था के सभी पहलुओं की समीक्षा के लिए विधि विशेषज्ञों एवं संबंधित पक्षों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए, ताकि जनहित एवं न्यायिक व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का निष्पक्ष परीक्षण किया जा सके।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने अधिकारों एवं आजीविका की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
ज्ञापन पर महमूदाबाद लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
