ब्यूरो रिपोर्ट लखनऊ: देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। पार्टी की ओर से शुक्रवार को इको गार्डन में प्रदर्शन का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों और समर्थकों के शामिल होने की बात कही जा रही है।
दरअसल, 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा “कॉकरोच” की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई थी।
इसी क्रम में अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने 16 मई को “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक डिजिटल अभियान की शुरुआत की। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर पार्टी के नाम से अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाए गए और यह पहल चर्चा का विषय बन गई।
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया। समर्थकों की ओर से दावा किया गया कि इस याचिका को लाखों लोगों का समर्थन मिला है।
बताया जा रहा है कि गठन के कुछ ही दिनों में CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी संख्या में लोग जुड़ गए। पार्टी से जुड़े इंस्टाग्राम पेज के फॉलोअर्स तेजी से बढ़े, जबकि एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी संगठन की सक्रियता देखने को मिली।
कौन हैं अभिजीत दीपके : 30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर से ताल्लुक रखते हैं। वे अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस की पढ़ाई कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया रणनीतिकार के रूप में काम कर चुके दीपके इससे पहले भी सोशल मीडिया अभियानों से जुड़े रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में उन्होंने आम आदमी पार्टी के लिए ऑनलाइन कंटेंट निर्माण का कार्य किया था और बाद में सोशल मीडिया रणनीति से जुड़े दायित्व भी निभाए। वर्ष 2021 के दौरान उन्होंने किसान आंदोलन और महंगाई जैसे मुद्दों पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी राय रखी थी।
लखनऊ में प्रदर्शन की तैयारी: कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से लखनऊ के इको गार्डन में प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जाएगी।
अभिजीत दीपके गुरुवार देर रात लखनऊ पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं, बल्कि संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी मांगों को उठाना है।
प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर RAF, PAC और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस की ओर से निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी गई है।
बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन के आयोजन में छात्र संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है। इससे पहले CJP की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर और पुणे में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
हालांकि, पार्टी की लोकप्रियता और सोशल मीडिया पर उसके प्रभाव से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके बावजूद, हाल के दिनों में यह संगठन राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
