8वीं के छात्र की बेबाक फरियाद सुन भावुक हुए डीएम, तत्काल दिए कार्रवाई के निर्देश; संपूर्ण समाधान दिवस में सुनी गईं जनसमस्याएं, लाभार्थियों को मिले आवास स्वीकृति पत्र

ब्यूरो रिपोर्ट,लखीमपुर खीरी : सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक ऐसा भावुक क्षण देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों और आम लोगों को भी भावुक कर दिया। गोटैय्याबाग निवासी 8वीं कक्षा का एक छात्र अपनी मां के साथ न्याय की गुहार लेकर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के सामने पहुंचा।

छात्र ने जिलाधिकारी को बताया कि उसके चाचा-चाची ने उनके घर पर ताला लगा रखा है, जिसके कारण उनका परिवार गंभीर परेशानियों का सामना कर रहा है। उसने बताया कि उसकी मां दूसरों के घरों में मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, लेकिन घर में प्रवेश न मिल पाने से स्थिति और भी कठिन हो गई है। छात्र ने डीएम से घर का ताला खुलवाने की मार्मिक अपील की।

बच्चे की पूरी बात गंभीरता से सुनने के बाद जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद कोतवाल को निर्देश देते हुए कहा, “बच्चे का काम देख लो।” इस पर छात्र ने तुरंत बेबाकी से जवाब दिया, “दिखवा नहीं, कहिए ताला खुलवा दें।”

छात्र की मासूमियत, स्पष्टवादिता और न्याय की उम्मीद से भरे इस जवाब ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह भी बच्चे की बेबाक बात से प्रभावित हुए और उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मामले का समाधान सुनिश्चित करने तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी दौरान संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग तथा मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को शिकायतों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि फरियादियों को त्वरित न्याय मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 05 पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने लाभार्थियों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया।

संपूर्ण समाधान दिवस का यह आयोजन एक ओर प्रशासन की जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण बना, वहीं 8वीं के छात्र की बेबाक और साहसिक फरियाद ने सभी को यह संदेश दिया कि सच्चाई और हिम्मत से रखी गई बात प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचती है।

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