ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: विकास खंड पहला क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नट सरैया की स्थिति बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
विद्यालय तक पहुंचने के लिए आज तक कोई समुचित मार्ग नहीं बनाया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को प्रतिदिन कीचड़, झाड़ियों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है।
बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी अधिक जोखिमपूर्ण हो जाता है। फिसलने, चोट लगने तथा सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा हमेशा बना रहता है।
करीब एक माह पूर्व विद्यालय के जर्जर भवन को सुरक्षा की दृष्टि से ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अब तक न तो मलबा हटाया गया है और न ही नए भवन का निर्माण शुरू हो सका है।
ऐसे में विद्यालय के नन्हे बच्चे खुले आसमान के नीचे पेड़ों की छांव में पढ़ाई करने को विवश हैं। बारिश, तेज धूप और आंधी जैसी परिस्थितियों में शिक्षण कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है।
विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अभिषेक यादव एवं सहायक अध्यापक विनीत अवस्थी ने बताया कि भवन का ध्वस्तीकरण तो हो चुका है, लेकिन नए भवन के निर्माण अथवा मलबा हटाने के संबंध में उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यह विषय संबंधित प्रशासनिक विभाग के अधिकार क्षेत्र में है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अमित कुमार यादव ने बताया कि जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण कराया जा चुका है। विद्यालय तक पहुंचने वाले मार्ग का निरीक्षण कर उसी मलबे का उपयोग कर रास्ता तैयार कराया जाएगा।
साथ ही नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए आवश्यक अग्रिम कार्रवाई भी प्रचलित है।
स्थानीय लोगों, अभिभावकों और शिक्षकों की मांग है कि बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए
विद्यालय तक सुरक्षित मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए, मलबा हटाया जाए तथा नए भवन का निर्माण जल्द शुरू किया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
