ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: कोतवाली महमूदाबाद क्षेत्र के ग्राम मरहमत नगर भेथरा में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक अधेड़ व्यक्ति ने अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने की तेज आवाज सुनते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मरहमत नगर भेथरा गांव निवासी राकेश मिश्रा पुत्र अवध नारायण मिश्रा पिछले करीब दो वर्षों से फालिस की बीमारी से पीड़ित थे। परिजनों के मुताबिक उनका इलाज लखनऊ में चल रहा था और स्वास्थ्य में कुछ सुधार भी हो रहा था। सोमवार सुबह करीब 10 बजे राकेश मिश्रा घर के आंगन में पड़ी चारपाई पर लेटे हुए थे। इसी दौरान उन्होंने कमरे में टंगी अपनी लाइसेंसी एकनाल बंदूक उतार ली और अपने पास रख ली।
मृतक के पुत्र मनीष मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी ने बंदूक हटाने का प्रयास किया, लेकिन राकेश मिश्रा ने बंदूक देने से इनकार कर दिया। इसके बाद जब मनीष की पत्नी घर के बाहर मौजूद मृतक की मां को बुलाने गई, तभी राकेश मिश्रा ने बंदूक में कारतूस लोड कर पैर से ट्रिगर दबा दिया। गोली उनकी गर्दन को चीरते हुए निकल गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
बताया जाता है कि राकेश मिश्रा के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा प्रदीप मिश्रा परिवार सहित लखनऊ में रहता है, जबकि छोटा बेटा मनीष मिश्रा गांव में ही रहता है। करीब दो माह पूर्व उनकी पत्नी रजनी देवी की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद से ही राकेश मिश्रा काफी मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे और अक्सर जीवन समाप्त करने जैसी बातें किया करते थे।
उक्त घटना की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम व महमूदाबाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मौके पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप सिंह, उप निरीक्षक धर्मेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल रवि कुमार, विख्यात सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई के साथ पूरे मामले की जांच में जुट गई ।
