ब्यूरो रिपोर्ट ,सीतापुर : महमूदाबाद के नगरवासियों को जहां लंबे समय बाद चीनी मिल से उड़ने वाली राख से कुछ राहत मिली थी, वहीं अब एक नई और अधिक चिंताजनक समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चीनी मिल परिसर से पीले रंग का रासायनिक कण (कैमिकल) हवा के माध्यम से पूरे नगर में फैल रहा है।
जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह रासायनिक धूल धूप में सुखाए जा रहे कपड़ों, खाद्य पदार्थों एवं घरों की छतों पर जम रही है। कपड़े खराब हो रहे हैं और खाने-पीने की वस्तुओं के दूषित होने का खतरा भी बढ़ गया है। नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
आने वाले होली पर्व को लेकर नगरवासियों की चिंता और बढ़ गई है। होली के अवसर पर बनने वाले पारंपरिक पकवानों को धूप में सुखाने की परंपरा रही है, लेकिन हवा में घुला यह कैमिकल लोगों को ऐसा करने से रोक रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो त्योहारों की परंपराएं भी प्रभावित होंगी और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
नगरवासियों का कहना है कि लंबे समय से चीनी मिल से निकलने वाले प्रदूषण को लेकर शिकायतें होती रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। अब जब यह समस्या और गंभीर रूप ले चुकी है, तो प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
इस संबंध में जब चीनी मिल के महाप्रबंधक से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में अभी तक नहीं था। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि ऐसा हो रहा है तो तत्काल जांच कराकर रासायनिक कणों के उत्सर्जन को रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चीनी मिल में उत्सर्जन नियंत्रण व्यवस्था की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि नगर को प्रदूषण से मुक्ति मिल सके और लोग बिना भय के अपने दैनिक जीवन व त्योहारों को मना सकें।
