सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर हमले और लूट की घटना का वैज्ञानिक तरीके से किया था खुलासा, एसपी अंकुर अग्रवाल ने पदक पहनाकर किया सम्मानित
ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: अयोध्या में सरयू एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14234 में महिला मुख्य आरक्षी सुमित्रा पटेल पर हुए जानलेवा हमले, यौन उत्पीड़न के प्रयास और लूट की गंभीर घटना का सफल अनावरण करने वाले क्षेत्राधिकारी महमूदाबाद वेद प्रकाश श्रीवास्तव को उत्कृष्ट विवेचनात्मक कार्य के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से ‘उत्कृष्ट विवेचक पदक’ प्रदान किया गया है। पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल ने उन्हें पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनके कार्य की सराहना की।
वेद प्रकाश श्रीवास्तव घटना के समय उत्तर प्रदेश एसटीएफ में निरीक्षक के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वह क्षेत्राधिकारी महमूदाबाद के पद पर कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में की गई वैज्ञानिक एवं तकनीकी विवेचना के चलते इस जटिल मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली थी।
ट्रेन में महिला मुख्य आरक्षी पर हुआ था जानलेवा हमला : 30 अगस्त 2023 को सावन मेला ड्यूटी के लिए वर्दी में मनकापुर से अयोध्या जा रही महिला मुख्य आरक्षी को आरोपियों ने ट्रेन में अकेला पाकर आपराधिक बल का प्रयोग करते हुए जानलेवा हमला किया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। आरोपियों ने उन्हें मृत समझकर उनका बैग, सामान और नकदी लूट ली थी। गंभीर हालत में महिला मुख्य आरक्षी को लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया था।
इस मामले में थाना जीआरपी कैंट अयोध्या में मु0अ0सं0 29/2023 दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए 6 सितंबर 2023 को विवेचना उत्तर प्रदेश एसटीएफ को हस्तांतरित की गई और तत्कालीन एसटीएफ निरीक्षक वेद प्रकाश श्रीवास्तव को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई।
वैज्ञानिक सर्विलांस से आरोपियों तक पहुंची पुलिस: विवेचना के दौरान एसटीएफ टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, डंप डेटा, सीडीआर और आईपीडीआर का गहन विश्लेषण किया। फाफामऊ से मनकापुर और अयोध्या के बीच आने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों से संबंधित तकनीकी डेटा की जांच की गई।
जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों से संबंधित कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म (CAF) से प्राप्त तस्वीरों को पीड़िता को दिखाया गया। पीड़िता ने मुख्य आरोपी अनीस पुत्र रियाज, निवासी दशलावन, थाना हैदरगंज, अयोध्या की पहचान की।
पुलिस मुठभेड़ में तीन आरोपी आए पकड़ में: 21/22 सितंबर 2023 की रात सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की। थाना इनायतनगर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान आजाद खान और विशंभर दयाल दुबे को गिरफ्तार किया गया। वहीं पीछा कर रही पुलिस टीम की थाना पूराकलंदर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी अनीस को गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ में घायल अनीस की बाद में जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
डीएनए रिपोर्ट बनी अहम वैज्ञानिक साक्ष्य :विवेचना के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए गए और उन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। जांच रिपोर्ट में औजार पर मिले रक्त का मिलान महिला मुख्य आरक्षी के रक्त से हुआ। यह वैज्ञानिक साक्ष्य मामले की विवेचना में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धारा 333, 353, 354ख, 307, 394, 411, 376, 511 और 34 भादवि के तहत अपराध प्रमाणित पाए गए। मुख्य आरोपी अनीस की मृत्यु के बाद शेष आरोपी आजाद खान और विशंभर दयाल दुबे के खिलाफ अयोध्या की एफटीसी कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया है, जहां मामले में विचारण जारी है।
उत्कृष्ट विवेचना के लिए मिला सम्मान: जटिल और संवेदनशील मामले का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सफल अनावरण करने, आरोपियों तक पहुंचने और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के लिए वेद प्रकाश श्रीवास्तव के विवेचनात्मक कौशल की उच्च स्तर पर सराहना की गई।
इसी उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट विवेचक पदक प्रदान किया गया। सीतापुर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने पदक पहनाकर वेद प्रकाश श्रीवास्तव को सम्मानित किया। यह सम्मान पुलिस विभाग में उनकी कर्तव्यनिष्ठा, वैज्ञानिक विवेचना और उत्कृष्ट पुलिसिंग का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
