नाली बंद होने से जलभराव का आरोप, तीन माह से समाधान की आस, विपक्षी यदुनाथ ने कहा भूमि बंटवारे से जुड़ा है विवाद

ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर। महमूदाबाद थाना क्षेत्र के हरिहरपुर मजरे मोहम्मद कलां गांव में नाली और पानी की निकासी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। एक पक्ष जहां नाली बंद किए जाने से घर में जलभराव और परिवार को परेशानी होने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे विवाद को भूमि के बंटवारे और निजी जमीन पर बनी नाली से जुड़ा बताया है।

पीड़ित पक्ष का आरोप नाली बंद होने से घर में जलभराव: हरिहरपुर गांव निवासी राम प्रकाश पुत्र स्व. कौशल किशोर सिंह का कहना है कि उनके घर से पानी निकलने वाली नाली को जुलाई 2026 में बंद कर दिया गया। नाली बंद होने के बाद पानी की निकासी बाधित हो गई और घर के आसपास जलभराव की स्थिति बनने लगी। उनका आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पुलिस, तहसील प्रशासन और जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

राम प्रकाश का कहना है कि वह करीब तीन माह से इस समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी की जमीन पर कब्जा करना नहीं, बल्कि घर के पानी की उचित निकासी कराना है। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जल निकासी की व्यवस्था कराने और परिवार को राहत दिलाने की मांग की है।

विपक्षी पक्ष का जवाब आरोप निराधार, जमीन के बंटवारे का विवाद : और वहीं दूसरे पक्ष के यदुनाथ सिंह उर्फ पप्पू ने राम प्रकाश के आरोपों को गलत और निराधार बताया है। उनका कहना है कि दोनों पक्षों के बीच वर्ष 2010 में आपसी सहमति से भूमि का बंटवारा हुआ था। उनके मुताबिक जिस स्थान पर नाली बनी है, वह उनकी हिस्से की निजी भूमि है और उन्होंने अपनी जमीन पर नाली का निर्माण कराया था।

यदुनाथ का कहना है कि अब दूसरे पक्ष द्वारा उनकी निजी भूमि में बनी नाली से पानी निकालने को लेकर विवाद किया जा रहा है। उनके अनुसार इसे केवल नाली बंद करने का मामला बताना सही नहीं है, बल्कि इसके पीछे भूमि के बंटवारे और रास्ते से जुड़ा पुराना विवाद है। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है।

जांच में सामने आया भूमि और रास्ते का विवाद : इस मामले में पुलिस और राजस्व विभाग की ओर से मौके पर जांच किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस की रिपोर्ट में विवाद के भूमि संबंधी पहलू का उल्लेख करते हुए दोनों पक्षों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई किए जाने तथा विवाद के समाधान के लिए न्यायालय जाने की सलाह दिए जाने की बात कही गई है।तो वहीं राजस्व जांच में भी भूमि के बंटवारे के साथ रास्ते और नाली को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद का उल्लेख किया गया है।

अब प्रशासनिक जांच पर टिकी नजर : एक तरफ राम प्रकाश घर में जलभराव और पानी की निकासी की समस्या का समाधान चाहते हैं, तो दूसरी तरफ यदुनाथ सिंह इसे निजी भूमि और पुराने बंटवारे से जुड़ा विवाद बता रहे हैं। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अब प्रशासन की जांच और मौके की वास्तविक स्थिति से ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पीड़ित राम प्रकाश ने सीतापुर डीएम और एसपी से निष्पक्ष जांच कराकर जल निकासी की समस्या का समाधान कराने की मांग की है, जबकि यदुनाथ सिंह का कहना है कि उनकी निजी भूमि और उसमें बनी नाली पर दूसरे पक्ष का दावा उचित नहीं है।

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