ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: महमूदाबाद क्षेत्र के विद्यालय में बेसिक शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील (एमडीएम) योजना में लापरवाही और गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) गोरखनाथ पटेल ने प्राथमिक विद्यालय छंगापुर, विकासखंड महमूदाबाद में जांच के दौरान मिली गंभीर अनियमितताओं के आधार पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, रसोइया को सेवा से बर्खास्त कर दिया तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) महमूदाबाद के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में बच्चों को परोसे जा रहे मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। मामले का संज्ञान लेते हुए बीएसए गोरखनाथ पटेल ने तत्काल जांच कराई।
जांच में पाया गया कि विद्यार्थियों को परोसी गई सब्जी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसके अलावा बच्चों को निर्धारित मात्रा में दूध का वितरण नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि छात्रों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन नहीं कराया जा रहा था। इन कमियों को प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही मानते हुए बीएसए ने कठोर कार्रवाई की।
बीएसए के आदेश पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्राथमिक विद्यालय नंदवा, विकासखंड महमूदाबाद निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज करनी होगी। वहीं विद्यालय की रसोइया अनीता को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी पहला पुष्पराज सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि संबंधित कर्मचारियों को आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए नियमानुसार जांच पूरी करें तथा एक माह के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें।
इस कार्रवाई के संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद के किसी भी विद्यालय में मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए की इस सख्त कार्रवाई को शिक्षा विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्पष्ट संकेत गया है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
