महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ लोहिया वाहिनी का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन ,उठाई आवाज

ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: महमूदाबाद में समाजवादी लोहिया वाहिनी, सीतापुर के जिला अध्यक्ष मेराज अहमद के नेतृत्व में बुधवार सुबह लगभग 10 बजे तहसील महमूदाबाद में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से डीजल, पेट्रोल, सीएनजी, रसोई गैस एवं आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, पेपर लीक की घटनाओं तथा आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया कि देश और प्रदेश की जनता लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही है। रोजगार के अवसर सीमित होते जा रहे हैं, जबकि डीजल, पेट्रोल, सीएनजी, रसोई गैस सहित दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका सीधा असर आम नागरिकों के जीवन स्तर पर पड़ रहा है। संगठन का कहना है कि महंगाई का सबसे अधिक प्रभाव किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ा है।

लोहिया वाहिनी ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि डीजल की कीमतों में वृद्धि से सिंचाई, जुताई, कटाई और कृषि उत्पादों के परिवहन की लागत बढ़ गई है, जिससे खेती लगातार महंगी होती जा रही है। वहीं माल ढुलाई महंगी होने के कारण खाद्यान्न, फल, सब्जियां, दालें और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। पेट्रोल और सीएनजी के बढ़ते दामों ने नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और छोटे व्यापारियों के मासिक बजट को प्रभावित किया है।

इसके अलावा घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ा दी हैं। संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में कहा गया कि इन घटनाओं ने लाखों युवाओं और छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, कालाबाजारी तथा अवैध शुल्क वसूली पर कठोर कार्रवाई की मांग भी की गई।

किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए लोहिया वाहिनी ने कहा कि किसानों को यूरिया की कमी और उसकी कालाबाजारी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अघोषित बिजली कटौती से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है और आम जनता भी परेशान है।

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने कुल 14 मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। इनमें डीजल, पेट्रोल एवं सीएनजी की कीमतों में कमी, घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी बहाल करना, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण, किसानों को विशेष राहत पैकेज प्रदान करना, महंगाई से प्रभावित परिवारों के लिए सहायता योजना लागू करना, पेपर लीक के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई,

सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, किसानों के लिए यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।

इस दौरान समाजवादी लोहिया वाहिनी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

 

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