ब्यूरो रिपोर्ट,लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के मुद्दे को लेकर कुलपति से वार्ता करने गए तीन छात्र नेताओं के निष्कासन के विरोध में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को अब व्यापक समर्थन मिलने लगा है। अखंड युवा छात्र सभा उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के समर्थन में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक रविदास मेहरोत्रा सहित कई पूर्व छात्र नेताओं ने एकजुटता दिखाई।
धरना स्थल पर पहुंचे विधायक रविदास मेहरोत्रा ने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने निष्कासित छात्र नेताओं के पक्ष में अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों में छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए।
इस दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता सरोज तिवारी, मनोज तिवारी, के.के. शुक्ला, केकेबी कॉलेज लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष संजय शुक्ला तथा पूर्व छात्र नेता एवं पूर्व एमएलसी राकेश सिंह राणा समेत तमाम पूर्व छात्र नेताओं ने भी धरने को अपना समर्थन दिया। सभी वक्ताओं ने छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को मजबूती प्रदान करने का आश्वासन दिया।
अखंड युवा छात्र सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल तीन छात्र नेताओं के निष्कासन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों युवाओं और छात्रों के सम्मान एवं अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता और संगठन आगामी दिनों में इस संघर्ष को और अधिक व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगा।
अखंड युवा छात्र सभा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नितीश बाजपेयी ने कहा कि संगठन हमेशा छात्र हितों के लिए संघर्ष करता रहा है और आगे भी छात्रों के मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि निष्कासन की कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र नेताओं और समर्थकों ने एक स्वर में नारा दिया “छात्र एकता – राष्ट्र एकता” और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
