ब्यूरो रिपोर्ट ,सीतापुर : विकासखंड रामपुर मथुरा की ग्राम पंचायत सोहरिया में सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। आरोपों के चलते पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कटूवाघाट स्थित नदी किनारे पहले से बनी सड़क पर केवल मिट्टी डलवाकर उसकी तस्वीरें ली गईं और उसे नया निर्माण कार्य दर्शाकर सरकारी भुगतान प्राप्त कर लिया गया। उनका कहना है कि मौके पर कोई वास्तविक निर्माण कार्य नहीं कराया गया, जबकि अभिलेखों में कार्य पूर्ण दिखाया गया है।
ग्रामीणों ने प्रधान प्रतिनिधि रामविजय यादव और ठेकेदार रज्जन सिंह पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत में इससे पहले भी कई विकास कार्यों को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मामले में जब पत्रकार ने फोन पर ठेकेदार रज्जन सिंह से बातचीत की तो उन्होंने कहा, “हम यह कार्य नहीं करा रहे हैं। हम केवल प्रधान के सहयोगी और उनके मित्र हैं।” वहीं पत्रकार का आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्होंने “जो करना हो कर लीजिए” जैसी बात भी कही।
उधर, प्रधान प्रतिनिधि रामविजय यादव का भी एक कथित बयान चर्चा में है। उनके अनुसार, “जब 10 साल में मेरा कुछ नहीं हुआ, तो अब बचे हुए दिनों में क्या कर लोगे।” हालांकि इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव का पक्ष जानने के लिए दो बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की और बाद में भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
अब ग्रामीणों की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
