ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: महमूदाबाद में कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाने वाला परंपरागत जुलूस-ए-अरबाईन (चेहल्लुम) गुरुवार को महमूदाबाद में अत्यंत अकीदत, अनुशासन और गमगीन माहौल के बीच संपन्न हुआ। यह जुलूस वक्फ महाराजा साहब के तत्वावधान में मुतवल्ली प्रोफेसर अली खान (राजा महमूदाबाद) के नेतृत्व में दोपहर किला महमूदाबाद से बरामद हुआ।
जुलूस में ऊँट, दुलदुल, अलम, ताबूत और ताज़िये पारंपरिक शाही साज-सज्जा के साथ शामिल रहे, जो आकर्षण का केंद्र बने। बड़ी संख्या में अकीदतमंद स्याह (काले) लिबास पहनकर जुलूस में शामिल हुए और कर्बला के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जुलूस के दौरान अंजुमन हैदरी, अंजुमन सज्जादिया तथा अंजुमन अब्बासिया की ओर से सोज़ख्वानी और नौहाख्वानी की गई। मातमी धुनों और नौहों के बीच पूरा वातावरण गम और अकीदत से सराबोर रहा।
निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए जुलूस अपराह्न लगभग 3 बजे अमीरगंज स्थित कर्बला पहुँचा। यहां हजारों सोगवारों ने गमगीन माहौल में कर्बला के शहीदों को याद करते हुए मातम किया तथा धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताबूत और ताज़ियों को सुपुर्द-ए-खाक किया।
जुलूस के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ।
जुलूस के समापन पर मुतवल्ली वक्फ महाराजा साहब प्रो. अली खान तथा आयोजन से जुड़े जिम्मेदार लोगों ने शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन में सहयोग के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और सभी संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
