ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: थाना महमूदाबाद क्षेत्र के तुरसेना गांव में रविवार को अवैध अथवा नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे मिट्टी खनन के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पंचायत भवन के पास मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लगातार आवाजाही से मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बन गई, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित रहा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए महमूदाबाद विधायक आशा मौर्य ने जिलाधिकारी से शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार विधायक आशा मौर्य एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तुरसेना क्षेत्र जा रही थीं।
इसी दौरान पंचायत भवन के निकट उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़क पर खड़ी हैं और लगातार आवाजाही कर रही हैं। सड़क पर जगह-जगह मिट्टी फैल जाने से दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण गुजरते हैं, लेकिन खनन कार्य के कारण रास्ता जोखिम भरा बन गया है। मौके पर विधायक ने यह भी देखा कि कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना नंबर प्लेट के संचालित हो रही थीं तथा मिट्टी से लदे वाहनों को नियमानुसार ढका भी नहीं गया था।
परिणामस्वरूप रास्ते में लगातार मिट्टी गिर रही थी, जिससे धूल उड़ने के साथ-साथ सड़क फिसलन भरी हो गई और दुर्घटना की आशंका बढ़ गई। स्थिति पर नाराजगी जताते हुए विधायक आशा मौर्य ने पहले संबंधित खनन विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया।
विधायक ने आरोप लगाया कि खनन कार्य में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है और संबंधित विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
विधायक ने जिलाधिकारी से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों और राहगीरों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि महमूदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में मिट्टी खनन को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग समय रहते प्रभावी निगरानी और कार्रवाई करे तो अव्यवस्थित खनन, सड़कों पर फैलती मिट्टी, यातायात बाधित होने तथा संभावित दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
