ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: महमूदाबाद में पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पत्रकार अखिलेश कुमार विश्वकर्मा उर्फ “सूरज मिस्त्री” (बाबा रिपोर्टर) का शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को हृदयाघात (हार्ट अटैक) आने से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पत्रकारिता जगत, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। पूरे दिन उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।
सूरज मिस्त्री अपनी निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के साथ-साथ समाजसेवा के कार्यों में भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते थे। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाना तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था। अपने सरल, मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के कारण वे आम लोगों के बीच “बाबा रिपोर्टर” के नाम से विशेष रूप से लोकप्रिय थे।
शनिवार को पूरे विधि-विधान और गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण तथा नगर क्षेत्र के लोग शामिल हुए। शोकाकुल माहौल के बीच नम आंखों से सभी ने उन्हें अंतिम विदाई दी। मुखाग्नि उनके बड़े साले ने दी।
अंतिम संस्कार के दौरान अंकुश राज विश्वकर्मा, मोहन प्रसाद बारी, दुर्ग विजय सिंह यादव, अबतक टीवी के संपादक राजेश कुमार सिद्धार्थ, कोटेदार राजेश वर्मा सहित भारतीय जनता पार्टी के कई जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार साथी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और नगर क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत पत्रकार को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि सूरज मिस्त्री ने अपने जीवन में हमेशा निष्पक्ष पत्रकारिता और जनसेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने समाज के दबे-कुचले और जरूरतमंद लोगों की आवाज़ बुलंद करने का कार्य किया। उनका व्यवहार सभी के प्रति आत्मीय और सहयोगपूर्ण था, जिसके कारण उन्होंने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई।
उनके निधन पर उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सभी ने कहा कि पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में सूरज मिस्त्री का योगदान सदैव याद किया जाएगा और उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाती रहेगी।
