अनुज कुमार जैन की रिपोर्ट, सीतापुर: महमूदाबाद में गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर महमूदाबाद की ऐतिहासिक संगत में गुरु पूजन, दर्शन और पूजा-अर्चना नहीं हो पाने को लेकर श्रद्धालुओं में निराशा और नाराजगी देखने को मिली। वर्षों से गुरुपूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक आयोजनों का केंद्र रही संगत में इस बार पुलिस एवं पीएसी की तैनाती के बीच श्रद्धालुओं के प्रवेश और पूजा-अर्चना को लेकर स्थिति चर्चा का विषय बनी रही।
स्थानीय श्रद्धालुओं और सामाजिक लोगों का कहना है कि यदि संगत के वर्तमान महंत अथवा प्रबंधन से जुड़े किसी विषय को लेकर कानूनी विवाद या प्रशासनिक स्थिति बनी हुई है, तो उसका समाधान नियमानुसार कानून के दायरे में किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि गुरुपूर्णिमा श्रद्धा और गुरु परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है, ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और पूजा-अर्चना की परंपरा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐतिहासिक संगत से क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर यहां गुरु पूजन, दर्शन, साफ-सफाई और भंडारे जैसे धार्मिक कार्यक्रम लंबे समय से परंपरा का हिस्सा रहे हैं। इस बार इन गतिविधियों पर रोक जैसी स्थिति बनने से श्रद्धालुओं में मायूसी दिखाई दी।
वहीं, कुछ सामाजिक लोगों ने सुझाव दिया कि संगत से जुड़े सभी पक्षों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों और प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यदि किसी प्रकार का विवाद या प्रशासनिक समस्या है तो उसका शांतिपूर्ण और कानूनी समाधान तलाशते हुए संगत परिसर की साफ-सफाई, गुरु पूजन और अन्य धार्मिक परंपराओं को व्यवस्थित ढंग से जारी रखने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में गुरुपूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संगत की ऐतिहासिक धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच संवाद स्थापित किया जाए।
सवाल यह है कि— क्या प्रशासनिक व्यवस्था और कानूनी प्रक्रिया के साथ श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था एवं वर्षों पुरानी परंपराओं के बीच ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है, जिससे भविष्य में संगत में गुरुपूर्णिमा का पर्व शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्वक मनाया जा सके?
