यूपी में गन्ना पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना आपूर्ति एवं कैलेंडरिंग नीति जारी, छोटे किसानों को मिलेगी प्राथमिकता

ब्यूरो रिपोर्ट,लखनऊ: प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना आपूर्ति नीति एवं गन्ना कैलेंडरिंग के सिद्धांत जारी करते हुए गन्ना किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। नई व्यवस्था में लघु एवं अति लघु किसानों, महिला किसानों, दिव्यांग किसानों तथा गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने वाले किसानों को विशेष प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है।

 

सरकार की ओर से जारी नीति के अनुसार:  रक्षाबंधन के अवसर पर लघु महिला गन्ना किसानों को गन्ना आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी शत-प्रतिशत पेड़ी की पर्चियां पहले एवं दूसरे पक्ष में तथा पौधे की पर्चियां सातवें एवं आठवें पक्ष में जारी करते हुए अधिकतम एक माह के भीतर गन्ना आपूर्ति की सुविधा दी जाएगी। महिला किसानों को अधिकतम दो पक्ष में पेड़ी तथा दो पक्ष में पौधा गन्ने की आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध होगी।

 

दिव्यांग किसानों को पहली बार विशेष सुविधा : नई नीति में पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना किसानों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 90 क्विंटल तक सट्टाधारक दिव्यांग लघु किसानों को 52:48 के अनुपात से मुक्त रखते हुए पेड़ी की पर्चियां प्रथम पक्ष और पौधे की पर्चियां सातवें पक्ष में जारी की जाएंगी। इनके गन्ने की आपूर्ति सामान्यतः 15 दिनों में कराई जाएगी।

 

लघु किसानों की श्रेणी में विस्तार : लघु किसानों की श्रेणी में भी विस्तार किया गया है। अब बेसिक मोड की नौ पर्चियों के स्थान पर 10 पर्चियां, यानी 90 क्विंटल तक सट्टा धारक किसानों को लघु किसान माना जाएगा। ऐसे किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले से तीसरे पक्ष तक तथा पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें से नौवें पक्ष तक उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

वहीं, ऐसे नए गन्ना सदस्य जिनके पास पेड़ी अथवा शरदकालीन पौधा है, उनकी पर्चियां पांचवें पक्ष के स्थान पर चौथे पक्ष से ही जारी किए जाने की व्यवस्था की गई है।

 

ट्रेंच प्लांटिंग और हार्वेस्टर से जुड़े किसानों को लाभ : गन्ना खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ट्रेंच प्लांटिंग अपनाने वाले किसानों को गन्ना आपूर्ति में विशेष सुविधा दी जाएगी। इसी तरह मशीनों से गन्ने की कटाई को बढ़ावा देने के लिए केन हार्वेस्टर से कटाई कराने के इच्छुक किसानों के लिए हार्वेस्टर सेंटर बनाए जाएंगे। उनकी आवश्यकता के अनुसार नौ के गुणांक में मनचाही हार्वेस्टर मोड की पर्चियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

पर्ची पर निर्धारित वजन से 20 प्रतिशत तक अधिक गन्ना तौलने की सुविधा : किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्ची पर निर्धारित वजन से 20 प्रतिशत तक अधिक गन्ना तौलने की सुविधा अनुमन्य होगी। किसानों के पास उपलब्ध अतिरिक्त गन्ने की आपूर्ति के लिए निशुल्क अतिरिक्त सट्टा किए जाने की पारदर्शी व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

 

ऐसे किसान परिवार जिनकी कृषि भूमि एक से अधिक सदस्यों के नाम दर्ज है, वे आपसी सहमति से किसी एक नामित सदस्य के माध्यम से गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे। इसके लिए संयुक्त गन्ना कैलेंडर की सुविधा अनुमन्य होगी।

 

सैनिकों और पूर्व सैनिकों को भी प्राथमिकता : नीति में सैनिकों के सम्मान का भी विशेष ध्यान रखा गया है। अर्द्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा उनके विधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना आपूर्ति में 20 प्रतिशत प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है।

ई-गन्ना पोर्टल और ऐप पर मिलेगी ऑनलाइन सुविधा : प्रदेश के सभी गन्ना किसानों को गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, बेसिक सट्टा, गन्ना कैलेंडरिंग, पर्चियों के निर्धारण एवं निर्गमन तथा गन्ना आपूर्ति की जानकारी एकीकृत एवं पारदर्शी व्यवस्था के तहत ई-गन्ना पोर्टल और ई-गन्ना ऐप पर घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

गन्ना आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। किसान ई-गन्ना पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा गन्ना किसानों के लिए 24 घंटे चालू टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

सरकार का कहना है कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए जारी यह व्यवस्था गन्ना किसानों को समय पर पर्ची, पारदर्शी कैलेंडरिंग, ऑनलाइन जानकारी और गन्ना आपूर्ति में प्राथमिकता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *