बाँसुरा चौकी के पास सड़क हादसे में युवक की मौत, पत्नी महीनो से बिस्तर पर; चार साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया

ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: तहसील महमूदाबाद के थाना रामपुर मथुरा क्षेत्र की बाँसुरा पुलिस चौकी के पास रविवार सुबह करीब छह बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 29 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। सड़क पार करते समय तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर मथुरा ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बाँसुरा निवासी सतीश कुमार पुत्र राजेंद्र प्रसाद (29) रविवार सुबह घर से शौच के लिए निकला था। बताया जा रहा है कि वह बाँसुरा चौकी के पास सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान गुड़ेचा की ओर से रामपुर मथुरा की तरफ जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में सतीश गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस की मदद से घायल को सीएचसी रामपुर मथुरा पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

मजदूरी कर चलाता था परिवार का खर्च : मृतक सतीश मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार में उसके माता-पिता, दो छोटे भाई अरविंद और गोविंद, पत्नी रेशमा देवी तथा करीब चार वर्षीय बेटा ऋषभ हैं। सतीश की अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।

सबसे दुखद स्थिति उसकी पत्नी रेशमा देवी की है। परिजनों के मुताबिक रेशमा पिछले करीब नौ महीने से गंभीर हालत में बिस्तर पर हैं। वह ठीक से बोलने और चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। उन्हें उठने-बैठने और सोने तक के लिए दूसरों की मदद की जरूरत पड़ती है।

पत्नी के इलाज में खर्च कर चुका था करीब छह लाख रुपये : परिजनों के अनुसार पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए सतीश अब तक करीब छह लाख रुपये खर्च कर चुका था। इसके बावजूद रेशमा की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। सतीश मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाने के साथ ही पत्नी के इलाज और देखभाल की जिम्मेदारी भी उठा रहा था।

अब सतीश की मौत के बाद बीमार पत्नी के इलाज और देखभाल के साथ चार वर्षीय बेटे ऋषभ की परवरिश की जिम्मेदारी भी परिवार के सामने बड़ी चुनौती बन गई है। मासूम ऋषभ अभी इतना छोटा है कि उसे यह तक पूरी तरह समझ नहीं है कि उसके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे।

परिवार ने की कार्रवाई की मांग : हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस से घटना की जांच कर दुर्घटना के जिम्मेदार वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। सतीश की मौत से पूरे गांव में भी शोक का माहौल है।

 

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