ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: महमूदाबाद में स्थित संगत में 29 जुलाई को प्रस्तावित भंडारे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आयोजन पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी महमूदाबाद को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए प्रस्तावित आयोजन को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि संगत से संबंधित मामला पहले से विवादित है और इससे जुड़े प्रकरण न्यायालय में लंबित बताए जा रहे हैं। ऐसे में विवादित स्थल पर प्रस्तावित भंडारे के आयोजन से क्षेत्र की शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। संगठन ने प्रशासन से किसी भी संभावित विवाद को देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
विहिप पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित आयोजन के पीछे स्थल पर कब्जेदारी की मंशा हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार के आयोजन की अनुमति नहीं देने की मांग की। साथ ही कहा कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को ऐसा कोई कदम उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो।
आयोजन हुआ तो आंदोलन की चेतावनी: विहिप विभाग सहमंत्री कृतार्थ मिश्र ‘मनु’ ने कहा कि संगठन की ओर से प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से अपनी आपत्ति और मांग से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन से अनुरोध के बावजूद प्रस्तावित आयोजन कराया गया तो विहिप और बजरंग दल लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने वालों में विभाग सहमंत्री कृतार्थ मिश्र, जिला सहमंत्री सुशील मौर्य, बजरंग दल जिला संयोजक दुर्गेश सिंह, धर्माचार्य कथा व्यास पंकज पांडेय ‘मधुर’, जिला सह धर्म प्रसार प्रमुख रमाकांत रस्तोगी, जिला साप्ताहिक मिलन प्रमुख अजय नाग सहित विकास वर्मा, मनीष मौर्य, सालिक राम और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तो वहीं प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है। दूसरे पक्ष का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। दूसरे पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने आने पर उसे भी समाचार में उचित स्थान दिया जाएगा।
