ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: फरवरी माह में पान मसाला (खुटखा) और सिगरेट के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी से महमूदाबाद क्षेत्र के किराना दुकानदारों और ग्राहकों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। कमला पसंद, पान बहार, राजश्री, कायम सहित कई नामी ब्रांडों के पाउच और सिगरेट के रेट बढ़ने से बाजार में हलचल देखी जा रही है।
महमूदाबाद मुख्य बाजार से लेकर रेलवे क्रॉसिंग, चीनी मिल मोड़ चौराहा, मोल्हेपुर चौराहा, कांसा मोड़, सिरौली चौराहा, फिरोजपुर, बेहमा, कुंवर गद्दी और भंडिया चौराहा समेत सिधौली तक के किराना दुकानदारों ने बताया कि अचानक रेट बढ़ने की कोई स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं दी गई। थोक व्यापारियों से माल महंगा मिल रहा है, जिससे खुदरा दुकानदारों को भी मजबूरन ऊंचे दाम पर सामान बेचना पड़ रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि पहले जहां ग्राहक बिना हिचक खरीदारी कर लेते थे, वहीं अब बढ़े हुए दाम सुनकर कई ग्राहक खरीदारी कम कर रहे हैं या उधार की मांग कर रहे हैं। इससे उनकी दैनिक बिक्री पर सीधा असर पड़ा है। छोटे दुकानदारों को खासतौर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि महंगे दाम पर स्टॉक उठाने से पूंजी अधिक फंस रही है।
वहीं छोटे और बड़े व्यापारियों का भी कहना है कि अचानक मूल्य वृद्धि से बाजार में मांग घट रही है,
जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। कुछ व्यापारियों ने आशंका जताई कि टैक्स, कंपनी स्तर पर मूल्य संशोधन या सप्लाई संबंधी कारणों से रेट बढ़े हो सकते हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
ग्राहकों का कहना है कि रोजमर्रा की महंगाई के बीच पान मसाला और सिगरेट के दाम बढ़ने से जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले जो सामान 5 या 10 रुपये में मिल जाता था, अब उसके लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
अचानक हुई इस मूल्य वृद्धि से महमूदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ता दिख रहा है। दुकानदारों और ग्राहकों को उम्मीद है कि जल्द ही कंपनियां या संबंधित विभाग इस पर स्पष्ट जानकारी देंगे, जिससे बाजार में स्थिरता लौट सके।
आप सभी जनमानस के नाम एक महत्वपूर्ण अपील : प्रिय नागरिकों, पान मसाला, खुटखा और सिगरेट जैसे नशीले पदार्थ केवल एक आदत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे शरीर को खोखला करने वाला जहर हैं। चिकित्सीय शोध बताते हैं कि तंबाकू युक्त पदार्थों का सेवन मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है। यह नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों और आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर डालता है।
कुछ क्षणों का स्वाद या तनाव से राहत पाने का भ्रम, जीवनभर की पीड़ा में बदल सकता है। कैंसर, हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियां और दांत व मसूड़ों की गंभीर समस्याएं—ये सब तंबाकू सेवन के दुष्परिणाम हैं।
आज जरूरत है जागरूकता और संकल्प की। आइए, हम सब मिलकर प्रण लें— स्वयं नशे से दूर रहेंगे। अपने परिवार और बच्चों को इन आदतों से बचाएंगे। समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर दूसरों के लिए उदाहरण बनेंगे। याद रखिए, स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी संपत्ति है। आपका एक सही निर्णय आपके जीवन को सुरक्षित और आपके परिवार को खुशहाल बना सकता है। आइए, नशे को छोड़ें और स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी अपनाएं ।
नशा मुक्ति अभियान के लिए प्रभावशाली स्लोगन:
नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो। तंबाकू त्यागो, स्वस्थ भविष्य अपनाओ। नशा है विनाश की राह, स्वास्थ्य है जीवन की चाह। नशे से दूरी, जीवन में खुशहाली पूरी।
आज ही लो ये ठान – नशा मुक्त बनेगा हिंदुस्तान।
सिगरेट–खुटखा छोड़िए, अपने परिवार को जोड़िए।
नशा करेगा बर्बाद, जागो और करो इसका विरोध आज।
स्वस्थ युवा, सशक्त देश – नशा मुक्त हो हर परिवेश।
जो नशे से नाता तोड़ेगा, वही जीवन आगे जोड़ेगा।
नशा छोड़ो, सपनों को सच करने की ओर बढ़ो।
कैंसर से बचना है अगर, तंबाकू को कहो अलविदा मगर। नशा नहीं, स्वास्थ्य चुनें – खुशहाल जीवन स्वयं गढ़ें। नशे से दूरी ही समझदारी। जिंदगी अनमोल है, नशा इसका दुश्मन है। नशा मुक्त समाज – हमारा संकल्प, हमारी आवाज।
