ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: सवर्ण स्वाभिमान संस्थान “सवर्ण सेना” के प्रमुख प्रभाकर सिंह चौहान ने एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के कथित दुरुपयोग को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज किसी का भी “टारगेट पूरा करने का साधन” नहीं है और लगातार हो रही प्रताड़ना को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रभाकर सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में सवर्ण समाज के सामान्य नागरिकों के साथ-साथ शिक्षा, चिकित्सा, विकास समेत विभिन्न विभागों में कार्यरत सरकारी एवं संविदा कर्मचारियों को भी एससी वर्ग के कुछ लोगों द्वारा एससी/एसटी एक्ट का भय दिखाकर धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून की आड़ में सवर्ण समाज का मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
सवर्ण सेना प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वहीं, इस मुद्दे पर चुने गए जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामलों में मौन रहना उनकी संवेदनहीनता और नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संगठन अब तक शालीनता और संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात रखता आया है, लेकिन यदि उत्पीड़न का यह सिलसिला नहीं रुका तो सवर्ण समाज को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार होंगे। प्रभाकर सिंह चौहान ने प्रशासन से मांग की कि एससी/एसटी एक्ट का निष्पक्ष, संतुलित और न्यायसंगत तरीके से प्रयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो और कानून का दुरुपयोग रोका जा सके।
