ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: जनपद के विकास खंड पहला इलाके के गांव में ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो रही है, जहां एक ओर सरकार गांवों में सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन विकास खंड पहला की ग्राम पंचायत कंडौरा में हकीकत कुछ और ही बयां करती है। यहां करीब 25 परिवार आज भी बदहाल रास्ते, जलभराव और कीचड़ की समस्या से जूझ रहे हैं। वर्षों से शिकायतों और मांगों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीणों का जीवन नारकीय बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार नूरूल उलूम इस्लामिया मदरसा कंडौरा से फूलचंद्र के घर तक लगभग 400 मीटर लंबा मुख्य मार्ग आज तक पक्का नहीं हो सका है। बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। हालात ऐसे हैं कि बच्चे स्कूल जाने के लिए मजबूरी में कीचड़ से होकर गुजरते हैं, जबकि बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई वर्षों से सड़क और नाली निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नाली न होने के कारण बारिश का पानी रास्ते पर जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से समस्या हर साल और गंभीर होती जा रही है।
सबसे चिंताजनक स्थिति तब होती है जब किसी घर में मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ती है। कीचड़ और जलभराव के कारण एंबुलेंस, ई-रिक्शा और अन्य वाहन गांव के इस हिस्से तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में लोगों को मरीजों को गोद या चारपाई के सहारे मुख्य मार्ग तक ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
स्थानीय निवासी सुनीता देवी, चंदना, अजय कुमार, वीरेश कुमार, मुंशी, अवधेश कुमार, दिनेश, रेखा देवी, अमीषा, अनिल कुमार, सुनील रावत, पंकज कुमार, संजय कुमार, लाल मोहम्मद, सिराजुद्दीन, नईम, अब्दुल खान, मजीद खां, रमेश चंद्र, अमित कुमार, नूर मोहम्मद और कमलेश समेत दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क और नाली निर्माण कराए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनकी समस्याओं को भुला दिया जाता है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत कंडौरा के प्रधान प्रतिनिधि भानु प्रताप यादव ने बताया कि फिलहाल मार्ग पर कच्ची मिट्टी पटाई का कार्य कराया जाएगा तथा बजट उपलब्ध होते ही इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन ही मिलते आए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को कब तक नजरअंदाज करते हैं या फिर वास्तव में विकास की योजनाएं धरातल पर उतरती हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि जिला प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क और नाली निर्माण की स्वीकृति प्रदान करे, ताकि दशकों से चली आ रही इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
