ब्यूरो रिपोर्ट,बहराइच : नवाबगंज विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच नेपाल सीमा से सटे नवाबगंज क्षेत्र की एक प्रमुख संपर्क सड़क बदहाली का शिकार है। बाबागंज-हरिहरपुर गांव संपर्क मार्ग, जो कब्रिस्तान के पास से होकर नेपाल सीमा क्षेत्र को जोड़ता है, जलभराव और टूट-फूट के कारण ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। स्थिति यह है कि बनकसही गांव के पास सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो चुकी है और लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार दशरथ पुरवा गांव से करीब चार किलोमीटर तक सड़क जर्जर अवस्था में है। बरसात के दौरान जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों का संचालन तो दूर, पैदल निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। इस मार्ग से एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ब्लॉक मुख्यालय नवाबगंज से हाईवे तक पहुंचने के लिए यही प्रमुख मार्ग है, जिसके किनारे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लॉक कार्यालय, इंटर कॉलेज, विद्यालय और बाजार स्थित हैं।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई : ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। इससे नाराज रामनगर सेमरा नानपारा क्षेत्र के लोगों ने सड़क पर जलभराव के बीच खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द मरम्मत की मांग उठाई।
ग्रामीण छोटकाऊ, हसीब, ताहीर और राजिंदर ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के अस्पताल पहुंचने और किसानों की आवाजाही में भारी दिक्कतें आ रही हैं। उनका कहना है कि विकास के नाम पर क्षेत्र की जनता को केवल आश्वासन ही मिले हैं।
पालिका प्रशासन ने दिया सफाई का दावा :पालिका प्रशासन का कहना है कि नालों की सफाई कराई गई है और बरसात से पहले आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालियां कूड़े-कचरे से भरी पड़ी हैं और कई स्थानों पर नालों पर अतिक्रमण होने के कारण जल निकासी पूरी तरह बाधित है, जिससे हर वर्ष सड़क तालाब में बदल जाती है।
बड़े हाईवे प्रोजेक्ट और जमीनी सच्चाई में बड़ा अंतर : एक ओर सरकार बाराबंकी से रूपईडीहा नेपाल बॉर्डर तक लगभग 153 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन हाईवे के निर्माण की योजना पर काम कर रही है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 27,927 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परियोजना के पहले चरण में जरवल रोड से बहराइच तक 62 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य भारत-नेपाल व्यापार को बढ़ावा देना है।
वहीं दूसरी ओर नवाबगंज के बनकसही, जमादार गांव और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाली संपर्क सड़कें बदहाल पड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने की शीघ्र निर्माण की मांग : ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिल सके और विकास के दावों को धरातल पर उतारा जा सके।
