75 वर्षीय विजय कुमार जलोटा का नेत्रदान, दो नेत्रहीनों के जीवन में जलेगी आशा की ज्योति,मानवता का परिचय दिया

ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर:  थाना बिसवां क्षेत्र के सरावगी टोला, कस्बा बिसवां निवासी 75 वर्षीय विजय कुमार जलोटा पुत्र किशोरी लाल जलोटा के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने एक अनुकरणीय निर्णय लेते हुए नेत्रदान कर समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया। उनके इस पुण्य कार्य से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को नई दृष्टि प्राप्त होगी।

सक्षम संस्था के मीडिया प्रभारी विकास अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्गीय विजय कुमार जलोटा के भाई राजकुमार जलोटा, पत्नी मंजू जलोटा तथा पुत्र रितु जलोटा एवं सम्राट जलोटा ने समाजसेवी अमरनाथ मेहरोत्रा से संपर्क कर नेत्रदान कराने की इच्छा जताई। सूचना मिलते ही सक्षम संस्था सीतापुर के अध्यक्ष संदीप भरतीया ने तत्परता दिखाते हुए रात्रि में ही जिला नेत्र चिकित्सालय सीतापुर से संपर्क कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम का गठन कराया।

डॉक्टरों की टीम में डॉ. अरुणेश मिश्रा, डॉ. अंजली राय, सिद्धार्थ गुप्ता, प्रिया एवं प्राची शामिल रहे, जिन्होंने बिसवां पहुंचकर स्वर्गीय विजय कुमार जलोटा के निवास पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए दोनों कार्निया सुरक्षित की। इन कार्निया के माध्यम से दो जरूरतमंद नेत्रहीनों को निःशुल्क दृष्टि प्रदान की जाएगी, जिससे उनके जीवन के अंधकार में फिर से उजाला लौट सकेगा।

सक्षम संस्था के महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बिसवां क्षेत्र में नेत्रदान को लेकर अब व्यापक जन-जागरूकता देखने को मिल रही है। समाजसेवी अमरनाथ मेहरोत्रा की सक्रिय भूमिका के चलते क्षेत्र में अब तक लगभग 15 नेत्रदान सफलतापूर्वक कराए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में सिंधौली कस्बे में प्रेमचंद कनोडिया का नेत्रदान संपन्न हुआ, जो सिंधौली क्षेत्र का पहला नेत्रदान है।

अक्षत अग्रवाल ने जानकारी दी कि सक्षम संस्था द्वारा अब तक कुल 271 नेत्रदान कराए जा चुके हैं, जिनमें सीतापुर जिले के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई है। वहीं सुभाष अग्निहोत्री ने कहा कि मृत्यु के पश्चात आंखें अनुपयोगी हो जाती हैं, लेकिन यदि उनका दान कर दिया जाए तो कई नेत्रहीनों को फिर से देखने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने बताया कि नेत्रदान एक सरल एवं सुरक्षित प्रक्रिया है, जिसमें आंख के परदे की पतली झिल्ली (कार्निया) निकाली जाती है और किसी भी आयु का व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है।इस अवसर पर सक्षम संस्था के अध्यक्ष संदीप भरतीया ने भावुक शब्दों में कहा—“विजय कुमार जलोटा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आंखों से अब किसी और की दुनिया रोशन होगी।”

 

 

 

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