जमीन को सरकारी बताने के विवाद में किसान ने उठाया आत्मघाती कदम, हालत गंभीर होने पर इलाज हेतु रेफर

ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: थाना महमूदाबाद क्षेत्र के रुदाईन गांव में एक किसान द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग की कार्रवाई और लगातार मिल रही चेतावनियों से किसान मानसिक रूप से परेशान था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। किसान का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी किसान की भूमि को राजस्व विभाग के एक लेखपाल द्वारा सरकारी भूमि बताया गया था। परिजनों का आरोप है कि किसान को जमीन पर कब्जा हटाने और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही गई थी। इस घटनाक्रम के बाद किसान काफी तनाव में रहने लगा और अपने भविष्य को लेकर चिंतित था।

बताया जा रहा है कि मंगलवार को किसान अपने खेत पर गया, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। कुछ देर बाद परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे और किसान को फंदे से नीचे उतारकर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए।

अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जमीन से संबंधित कोई विवाद था तो उसका समाधान राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि किसान पर अनावश्यक दबाव बनाए जाने से वह मानसिक रूप से टूट गया और उसे आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

रुदाईन गांव की इस घटना ने एक बार फिर राजस्व मामलों के निस्तारण में संवेदनशीलता और निष्पक्षता की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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