ब्यूरो रिपोर्ट , सीतापुर : महमूदाबाद में निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को महमूदाबाद भाजपा विधायक आशा मौर्य के कार्यालय पहुंचकर विधायक के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने निषाद समाज और उसकी विभिन्न उपजातियों के आरक्षण संबंधी अधिकारों को सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।
निषाद पार्टी का कहना है कि उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी विभिन्न अधिसूचनाओं के बावजूद निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिंद, बाथम, तुरहा, गोंड़िया, मांझी और मछुआ सहित कई जातियों के पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। पार्टी ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए ऐसी व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन में वर्ष 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना तथा 1961 के जनगणना मैनुअल का हवाला देते हुए कहा गया कि दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी संबंधित जातियों को अनुसूचित जाति का लाभ दिया जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि अति पिछड़ी जातियों को जनगणना मैनुअल में उल्लिखित प्रावधानों के आधार पर अनुसूचित जाति के 21 प्रतिशत आरक्षण में 9 प्रतिशत की अतिरिक्त हिस्सेदारी जोड़कर कुल 30 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए।
इसके साथ ही मझवार और तरैहा जाति के पात्र लोगों को अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
निषाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरक्षण से जुड़े अधिकारों को लेकर लंबे समय से समाज की ओर से आवाज उठाई जा रही है। पार्टी ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपील की है।
