ब्यूरो रिपोर्ट, सुल्तानपुर: फूलपुर रजबहा में समय से पानी न पहुंचने के कारण क्षेत्र के किसानों को गेहूं और सरसों की फसलों की सिंचाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर का आधा महीना बीत जाने के बावजूद नहर सूखी पड़ी है, जिससे दो-तीन गांवों में सैकड़ों बीघा में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं।
किसानों के अनुसार, उन्होंने 20 नवंबर तक गेहूं और सरसों की बुवाई पूरी कर ली थी। हर साल 8 से 10 दिसंबर के बीच नहर में पानी आ जाता था, जिससे पहली सिंचाई आसानी से हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष अब तक फूलपुर रजबहा में पानी नहीं पहुंच सका है। इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
पानी की कमी के चलते किसान मजबूरी में ट्यूबवेल से सिंचाई कर रहे हैं, जो उनके लिए बेहद महंगी साबित हो रही है। ट्यूबवेल से सिंचाई करने पर लगभग 200 रुपये प्रति घंटा खर्च आ रहा है। वहीं, जिन किसानों के पास अपने पंपिंग सेट हैं, उन्हें भी डीजल पर करीब 100 रुपये प्रति घंटा खर्च करना पड़ रहा है। बढ़ते खर्च के कारण किसानों पर आर्थिक बोझ गहराता जा रहा है।
नहर विभाग के कर्मचारियों से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि नहर में पानी छोड़ दिया गया है और अगले तीन से चार दिनों के भीतर फूलपुर रजबहा तक पानी पहुंचने की संभावना है। हालांकि, तब तक किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी या नहीं, इसे लेकर संशय बना हुआ है।
पानी न आने से गंगा सिंह, राघव सिंह, रिंकू सिंह सहित कई किसानों की फसलें सिंचाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी हैं और उन्हें तत्काल पानी की आवश्यकता है। किसानों ने प्रशासन और नहर विभाग से जल्द से जल्द नहर में पानी पहुंचाने की मांग की है, ताकि उनकी मेहनत और फसलें बर्बाद होने से बच सकें।
