अनुशासन की डगर न छोड़ो तो मंजिल मिल जायेगी: देवेन्द्र कश्यप निडर, कवि रोहित विश्वकर्मा ने लूट ली महफिल

ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: सकरन क्षेत्र के ग्राम कोलुहापुरवा के रामविलास कमला देवी सेवा समिति द्वारा आयोजित वार्षिकोत्सव एवं छात्र अलंकरण समारोह अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायी एवं वैचारिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन न केवल प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान का साक्षी बना, बल्कि समाज में शिक्षा, संवेदना और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का सशक्त संदेश भी दे गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आई ए एस प्रशिक्षक डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा ‘गुणशेखर’ ने अपने उद्बोधन में गहन सामाजिक यथार्थ को रेखांकित करते हुए कहा कि आज के यांत्रिक होते समाज में मानवीय संवेदनाएँ क्षीण होती जा रही हैं और मशीनवत होती जा रही है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि इंसानियत, मानवता और सहयोग की भावना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का अनिवार्य आधार होनी चाहिए। डॉ. शर्मा के अनुसार, शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा समाज की जड़ समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जनकवि डॉ. देवेंद्र कश्यप ‘निडर’,, ने गूढ़ दार्शनिक भाव में कहा— “ज्ञान प्रगति का पासवर्ड है, जिसके बिना समस्याओं के समाधान का द्वार नहीं खुलता।” उनके विचारों ने उपस्थित विद्यार्थियों व अभिभावकों को आत्मचिंतन की ओर प्रेरित किया। उन्होंने काव्यपाठ के दौरान यह भी कहा कि अनुशासन की डगर न छोड़ो तो मंजिल मिल जायेगी। द्वितीय सत्र के मंच संचालक कवि रोहित विश्वकर्मा ने हास्य और सकारात्मकता से परिपूर्ण काव्य प्रस्तुति देकर वातावरण को ऊर्जावान बनाया, जबकि पिंकी प्रजापति, कवयित्री ने संघर्ष और निरंतरता की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से नारी चेतना एवं आत्मबल का संदेश दिया— “मैं हूँ नदी का किनारा, जो कभी रुकती नहीं।” उनकी कविता ने श्रोताओं के मन में अदम्य साहस का संचार किया।
कार्यक्रम का प्रारम्भिक संचालन डॉ. चन्द्रशेखर प्रजापति, उप-संपादक, भाखा अंतरराष्ट्रीय अवधी पत्रिका के द्वारा किया गया। उनके कुशल संचालन ने कार्यक्रम की भूमिका तैयार की। कवि विकास मौर्य ‘वीकू’ एवं कवि राकेश मौर्य ने क्रमशः आधुनिक भावबोध और लोकभाषा अवधी में उत्कृष्ट काव्य पाठ प्रस्तुत कर श्रोताओं की भरपूर प्रशंसा अर्जित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठित शिक्षाविद् गुरुजी आर. डी. वर्मा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए समाज को दिशा देने वाले विचार प्रस्तुत किए। सामाजिक कार्यकर्ता नीतू वर्मा ने बेटियों की शिक्षा और नारी सशक्तिकरण को सामाजिक विकास का मूलमंत्र बताते हुए विचार रखे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रबन्धक सुशील कुमार मौर्य, प्रधानाचार्य तेजनरायन पाण्डेय, कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्रकान्त मौर्य (प्रबन्धक – एल.पी.एल. डी. मेमोरियल एकेडमी) तथा व्यवस्थापक दिलीप कुमार की भूमिका सराहनीय रही। अंत में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, वक्ताओं, कवियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *