ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: महमूदाबाद इलाके के गांव में नवीन परती भूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची राजस्व टीम पर हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
कब्जाधारकों पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए टीम के साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना महमूदाबाद क्षेत्र के तुरसेना के ग्राम घुरेहटा गांव निवासी इंद्रपाल द्वारा ग्राम पंचायत की गाटा संख्या 86/0.114 हेक्टेयर नवीन परती भूमि के एक हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर दीवार खड़ी कर ली गई थी। इस संबंध में मामला तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन था, जिसका निस्तारण 31 अक्टूबर 2025 को हो चुका था। न्यायालय ने कब्जा हटाने के लिए बेदखली आदेश जारी किया था।
बुधवार को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नायब तहसीलदार राकेश पाल के नेतृत्व में राजस्व टीम—जिसमें लेखपाल रजनीश सोनकर, कृतिका सिंह और प्रदीप शाह शामिल थे—पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की।
इसी दौरान आरोप है कि इंद्रपाल अपने बेटे राम प्रताप और पत्नी गायत्री के साथ मौके पर पहुंच गया और टीम के साथ अभद्रता करते हुए हमला कर दिया। हमले में लेखपाल रजनीश सोनकर के साथ मारपीट की गई।
और उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं। साथ ही पूरी टीम को जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
घटना के संबंध में लेखपाल कृतिका सिंह की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह घटना सरकारी कार्य में बाधा और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय प्रशासन अब इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।
