पेपर लीक के विरोध में छात्रों का शांतिपूर्ण मार्च, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की उठाई मांग

ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर : देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को महमूदाबाद में छात्रों एवं युवाओं ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर अपनी आवाज बुलंद की।

रामकुंडा चौराहा से तहसील परिसर तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं जागरूक नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शन के उपरांत उपजिलाधिकारी महमूदाबाद के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की गई।

ज्ञापन में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाए जाने, दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा और गोपनीयता को मजबूत करने तथा पूरी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

इस दौरान यूथ फार्मासिस्ट फेडरेशन सीतापुर के जिला अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी सभा सीतापुर के जिला संगठन प्रमुख रंजीत यादव (रिशू) ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताएं लाखों मेहनती विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य के साथ अन्याय हैं।

उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और इसका उद्देश्य किसी दल या विचारधारा का समर्थन अथवा विरोध नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की मांग उठाना है।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं ने सरकार से मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी को पेपर लीक जैसी घटनाओं का खामियाजा न भुगतना पड़े।

इस अवसर पर धर्मेंद्र पासवान, नरेंद्र यादव, शिवपाल यादव, सतेंद्र, शिवम, उदित, मनोज, सचिन, विमल, नितेश, सकेंद्र, अमरीश, ललित, आकाश, पंकज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं युवा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से हुआ। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि सरकार विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस गंभीर विषय पर शीघ्र ठोस और प्रभावी कदम उठाएगी।

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