मंडलीय अधिवेशन एवं शिक्षक संगोष्ठी : छात्र-केंद्रित शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

सीतापुर: आरएमपी पीजी कॉलेज, सीतापुर में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा उत्तर प्रदेश द्वारा 28 और 29 नवंबर 2025 को दो दिवसीय मंडलीय अधिवेशन एवं शिक्षक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में आए शिक्षकों ने अपने विचारों और उत्साह से कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया।

उद्घाटन और प्रमुख संबोधन :संगोष्ठी का उद्घाटन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुंदर दास शास्त्री ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद राकेश राठौर उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान चुनौतियों, नई संभावनाओं और नवाचारों पर प्रभावी विचार व्यक्त किए। उनका कहना था कि शिक्षा को समयानुकूल और व्यावहारिक बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों और नई पद्धतियों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है।

केन्द्रीय विषय : “छात्र-केंद्रित शिक्षा”: संगोष्ठी में “नई शिक्षा में छात्र-केंद्रित शिक्षा” विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में बताया कि सीखने की प्रक्रिया तब प्रभावी होती है, जब विद्यार्थी स्वयं उसमें सक्रिय भूमिका निभाएँ। संवादात्मक शिक्षण, प्रोजेक्ट आधारित कार्य, व्यावहारिक गतिविधियाँ और सतत मूल्यांकन जैसे तरीकों को आधुनिक शिक्षण का आधार बताया गया।

शिक्षकों की चुनौतियाँ और समाधान: अधिवेशन में शिक्षकों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों—
• तकनीकी दक्षता का अभाव
• संसाधनों की कमी
• गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की आवश्यकता
• सामाजिक और आर्थिक विविधता से उत्पन्न असमानताएँ
—पर विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी अवसंरचना को मजबूत बनाने, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और संगठन को अधिक सुदृढ़ करने जैसे सुझाव पेश किए।

संगठन की भूमिका पर विमर्श: सत्रों में यह बात प्रमुखता से रखी गई कि शिक्षकों की एकता ही उनके अधिकारों, गरिमा और शैक्षिक दायित्वों की सबसे मजबूत नींव है। प्रतिभागियों ने संगठन को और प्रभावी बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

गरिमामयी उपस्थिति: कार्यक्रम में प्रदेश और मंडल स्तर के कई पदाधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे, जिनमें प्रदेश कोषाध्यक्ष जयपाल शास्त्री, प्रदेश संयोजक राजवीर, मंडल संयुक्त मंत्री सुरेंद्र कुमार, हरदोई जिला अध्यक्ष राजदेव, सूर्यकुमार भारत, शिवनाथ चौधरी, अवनीश कुमार, नेत्रपाल आदि शामिल रहे।

उत्कृष्ट प्रबंधन—सीतापुर टीम की सराहना : अधिवेशन के सफल संचालन में संगठन की सीतापुर टीम का योगदान उल्लेखनीय रहा। संपूर्ण आयोजन का नेतृत्व मंडल अध्यक्ष कमलेश के मार्गदर्शन में हुआ। सुव्यवस्थित प्रबंधन, सार्थक विचार-विमर्श और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने इस दो दिवसीय अधिवेशन को यादगार और प्रभावशाली बनाया।

 

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