ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: महमूदाबाद में नगर के प्रमुख और व्यस्त रामकुंड चौराहे के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार से मंजूरी मिलने के बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य इन दिनों पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की देखरेख में चल रहे इस कार्य का उद्देश्य चौराहे को व्यवस्थित और सुगम बनाना था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते यह योजना अब आमजन के लिए मुसीबत बन गई है।
योजना के तहत चौराहे से दोनों ओर लगभग 100-100 मीटर तक सड़क का 1.81 मीटर चौड़ीकरण किया जाना है। इसके लिए ठेकेदार द्वारा सड़क के किनारों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। अधूरी खुदाई के कारण चौराहे पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है, जिससे राहगीरों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह चौराहा पहले से ही अत्यधिक व्यस्त रहता है, ऐसे में अधूरा काम स्थिति को और भी गंभीर बना रहा है। धूल, गड्ढों और अव्यवस्थित यातायात के चलते दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
राहगीरों की परेशानी: राहगीरों का कहना है कि चौराहे की हालत बेहद खराब हो गई है। सड़क किनारे खुदाई होने से रोज जाम लगता है, जिससे समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए रास्ता और भी खतरनाक हो गया है, कई बार गिरने की स्थिति बन जाती है।
एक राहगीर ने बताया, “काम शुरू हुआ तो उम्मीद थी कि सुविधा मिलेगी, लेकिन अधूरा छोड़ देने से परेशानी और बढ़ गई है। प्रशासन को जल्द से जल्द काम पूरा कराना चाहिए।”
दुकानदारों पर भी असर: चौराहे के आसपास दुकान चलाने वाले व्यापारियों का कहना है कि इस अधूरे निर्माण कार्य से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
एक दुकानदार ने बताया, “खुदाई के कारण ग्राहक दुकान तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। धूल और गंदगी से लोग रुकना भी पसंद नहीं कर रहे, जिससे बिक्री काफी कम हो गई है।”
तो वहीं एक अन्य व्यापारी ने कहा, “करीब 20 दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। अगर काम समय से पूरा होता तो परेशानी नहीं होती, लेकिन अब रोज नुकसान झेलना पड़ रहा है।” गौरतलब है कि कार्य प्रारंभ के दौरान महमूदाबाद के उपजिलाधिकारी ने निर्माण कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा निर्देशों की अनदेखी की जा रही है और कार्य में कोई प्रगति नजर नहीं आ रही है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि संबंधित विभाग इस लापरवाही पर कब संज्ञान लेगा और ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आमजन को राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं और लोगों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
दुकानदारों एवं राहगीरों की मांग: रामकुंड चौराहे पर बढ़ती अव्यवस्था से परेशान दुकानदारों और राहगीरों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अधूरा पड़ा निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि जाम और धूल-गंदगी से राहत मिल सके।
लोगों ने मांग की है कि सड़क की खुदाई वाले हिस्सों को तुरंत समतल कराया जाए या निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, जिससे आवागमन सुचारू हो सके।
