ब्यूरो रिपोर्ट,सीतापुर: जिला सलाहकार समिति के सदस्य सौरभ गुप्ता ने पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि ग्रामीण विकास को भी निरंतर गति मिलती है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होते ही नई पंचायतों का गठन होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि विकास योजनाओं में किसी प्रकार की रुकावट न आए। पंचायतें लोकतंत्र की बुनियाद हैं और यही वह मंच है जहां से ग्रामीण स्तर पर शासन की वास्तविक तस्वीर दिखाई देती है।
सौरभ गुप्ता ने अपने वक्तव्य में कहा, “पंचायतें लोकतंत्र की प्राथमिक पाठशाला हैं। यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं, तो विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है और आम जनता के साथ-साथ सक्रिय कार्यकर्ताओं में भी निराशा का माहौल बनता है।”
उन्होंने आगे बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बजट का सही उपयोग, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और उनकी निगरानी के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। बिना जनप्रतिनिधियों के विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित हो सकती है।
अंत में उन्होंने शासन और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके और विकास कार्यों को नई गति मिल सके।
