ब्यूरो रिपोर्ट,लखनऊ : बलरामपुर अस्पताल में शुक्रवार को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर दारुल उलूम नदवतुल उलमा लखनऊ के अंतर्गत संचालित संस्था ऑल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम (लखनऊ यूनिट) के तत्वावधान में लगाया गया, जिसमें छात्रों व युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 20 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जिसे फोरम के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों तक उपलब्ध कराया जाएगा।
रक्तदान शिविर का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा, समाज में भाईचारे को बढ़ावा देना तथा लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना रहा। आयोजन के जरिए यह संदेश दिया गया कि रक्तदान जैसे पुण्य कार्य से किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।
बताया गया कि ऑल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम की स्थापना वर्ष 1974 में दारुल उलूम नदवतुल उलमा के पूर्व रेक्टर मौलाना अबुल हसन अली नदवी ने की थी। संस्था की बुनियाद समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारा और इंसानियत को मजबूत करने के उद्देश्य से रखी गई थी। आज लखनऊ यूनिट के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने उसी विचारधारा को साकार करते हुए सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के संयोजक शफीक चौधरी ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने बताया कि एक यूनिट रक्त कई जिंदगियों को बचाने में सहायक हो सकता है। इसी भावना से प्रेरित होकर युवाओं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।
शिविर में रक्तदाताओं की चिकित्सकीय जांच, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। बलरामपुर अस्पताल की मेडिकल टीम ने रक्तदाताओं की गहन स्वास्थ्य जांच की तथा उन्हें आवश्यक परामर्श भी दिया।
इस अवसर पर बलरामपुर अस्पताल के निदेशक ने रक्तदान से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करते हुए बताया कि नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है। साथ ही यह हृदय रोग समेत कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 18 से 60 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हर तीन महीने में रक्तदान कर सकता है।
स्थानीय लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रक्तदान शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
