ब्यूरो रिपोर्ट, सीतापुर: देश-प्रदेश में विख्यात माँ संकटा देवी धाम के वार्षिक मेले में श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना हुआ है। दूर-दराज के विभिन्न प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालु इस भव्य धाम की आस्था, विशाल परिसर और मनोहारी सरोवर की सुंदरता से अभिभूत नजर आते हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार के प्रयासों से धाम के और अधिक विकास एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य किए जाने की बात भी सामने आई है।
इसी क्रम में मेले के दौरान आयोजित भावनृत्य प्रतियोगिता के फाइनल राउंड का शुभारंभ उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने किया। उन्होंने कहा कि माँ संकटा देवी धाम की महत्ता को देखते हुए शासन स्तर पर इसके समुचित विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
और वहीं राज्यमंत्री गिरीश चंद्र मिश्र ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बताते हुए इसके सर्वांगीण विकास का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम से पूर्व पं. पुरूषोत्तम मिश्र ने सभी अतिथियों को मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया। इसके बाद शुरू हुई प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तालियों की गूंज के बीच दर्शकों ने प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया और अंत तक कार्यक्रम में जमे रहे।
प्रतियोगिता के फाइनल में नैऋति चित्रांश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नवनीत श्रीवास्तव द्वितीय स्थान पर रहे। तृतीय स्थान काव्या पोरवाल, नित्या रस्तोगी और वैष्णवी पाण्डेय को संयुक्त रूप से दिया गया।
तो वहीं नविका मिश्रा, आधिरा चित्रांश, मान्या पाण्डेय, अर्पिता शुक्ला, शिवांशी सिंह और पंखुड़ी गुप्ता को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
निर्णायक मंडल में अल्पना त्रिपाठी, विवेकानंद द्विवेदी और अर्पित शुक्ल शामिल रहे, जिन्हें उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के बीच विजेताओं का चयन करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
कार्यक्रम में धाम समिति के अध्यक्ष आर.के. वाजपेयी, मंत्री शिवम विक्रांत सहित कई पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत राव सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अनूप सूरज ने किया।
